एक दिन छोटू जिसकी उम्र १५ साल थी जो एक मजदूर का लड़का था अपने दोस्त के साथ बमटापुर से चननपुर अपनी बहन के ससुराल उससे मिलने साईकिल जा रहा था । रात बहुत थी और कोई साधन ना मिल पाने की वजह से वो लेट हो गया, रास्ते में अँधेरा बहुत था दोनों लोग बोहत घबरा रहे थे तभी रस्ते में उन्हें दो आदमी मिले, उसमे से एक आदमी ने कहा की बीटा गए कहा जा रहे हो, तब छोटू ने कहा की चच्चू हम लोग रास्ता भटक गए है, वो आदमी बोला बेटा तुम किस विराधरी के हो, तब छोटू ने बोला की मई कुशवाहा ठाकुर हूँ, आदमी बोला की बेटा तुंम्हारी विराधर के लोग यहाँ रहते है जाओ उनके पास रुक जाओ कल सुबह होते ही जल्दी निकल लेना,